शनिवार, 22 जुलाई 2017

do-sha'aar


दो शे’र


महफ़िल में लोग आए थे अपनी अना के साथ
देखा नहीं किसी को भी ज़ौक़-ए-फ़ना  के साथ

नासेह ! तुम्हारी बात में नुक्ते की बात  है
दिल लग गया है  मेरा किसी  आश्ना  के साथ

-आनन्द पाठक-

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